प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि भी गांवों में जाएं

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टीकमगढ़। म.प्र. शासन के परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, लोक सेवा प्रबंधन, जनशिकायत निवारण विभाग एवं प्रभारी मंत्री जिला टीकमगढ़  भूपेंद्र सिंह  ने कहा कि सूखे से प्रभावित प्रत्येक किसान को नियमानुसार राहत मिले यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ है। उन्होंने  कहा इस हेतु गांव-गांव में दल बनाकर सर्वे कार्य निरंतर जारी है। आपने कहा सर्व कार्य पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता से किया जाये। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। श्री ठाकुर ने आज जिला योजना समिति की बैठक में ये निर्देश दिये।
प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि भी गांव-गांव में जाकर समीक्षा करें
श्री ठाकुर ने कहा कि प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधि भी गांव-गांव में जाकर समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि वे किसानों को समझाईश दें और उनके खाते आदि ठीक करायें जिससे उन्हें राहत समय पर मिल सके। आपने कहा कि जिले में सर्वे कार्य हेतु दलों में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग भी शामिल किये गये हैं जिससे सर्वे कार्य और अधिक पारदर्शी हो। उन्होंने कहा यह कार्य शीघ्र पूर्ण करायें, जिससे अन्नदाता को समय पर राहत मिल सके।
सभी प्रकार के कृषि ऋणों की वसूली स्थगित रहेगी
श्री ठाकुर ने कहा कि सूखे के कारण किसान परेशान हैं इसलिये शासन ने सभी प्रकार के कृषि ऋणों की वसूली को स्थगित किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने उच्च स्तरीय बैठक लेकर सूखा प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिये अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। जिसके तहत प्रभावित किसानों की ऋण वसूली स्थगित कर दी गई हैं। जिन ग्रामों में किसानों की फसलें 33 से 50 प्रतिशत तक प्रभावित हुई हैं, उनके अल्पकालीन ऋणों की तीन वर्ष के लिये मध्यकालीन ऋण में परिवर्तित करने के निर्देश दिये गये हैं। मध्यकालीन अवधि में परिवर्तित होने वाले ऋण पर लगने वाला ब्याज का व्यय मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। जिन किसानों का अल्पकालीन ऋण मध्यकालीन ऋण में परिवर्तित किया जायेगा, उन किसानों को वर्तमान में डिफाल्टर नहीं मानते हुये नया ऋण उपलब्ध कराया जायेगा।
पेयजल की उपलब्धता हेतु तैयारी पूरी: कलेक्टर
बैठक में कलेक्टर श्री केदार शर्मा ने बताया कि जिले के हर शहर और गांव में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता हेतु समीक्षा की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि तदानुसार आवश्यकता हेतु कार्ययोजना भी तैयार की गई है जिससे पेयजल हेतु कहीं कोई समस्या नहीं रहे। आपने बताया कि सूखे के कारण जिले को जल अभावग्रस्त घोषित किया गया है तथा पेयजल और निस्तार के अलावा अन्य कार्यों हेतु सार्वजनिक जल-स्त्रोतों से पानी लेना प्रतिबंधित किया गया है जिससे आगामी समय में पेयजल की कहीं भी समस्या नहीं हो।
बैठक में सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं की जानकारी दी जिसका निराकरण शीघ्र करने के निर्देश दिये गये। इस अवसर पर पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन का अनुमोदन किया गया ।
इस अवसर पर सांसद डाॅ. वीरेन्द्र कुमार, समिति सदस्य श्री अभय प्रताप सिंह, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री पर्वतलाल अहिरवार, विधायक पृथ्वीपुर श्रीमती अनीता नायक, निवाड़ी श्री अनिल जैन, खरगापुर श्रीमती चंदा रानी गौर, जतारा श्री दिनेश अहिरवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दिग्विजय सिंह गौर, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री केदार शर्मा, एस.पी. श्री रामश्रय चैबे, अपर कलेक्टर श्री शिवपाल सिंह, एस.डी.एम. टीकमगढ़ श्री मनोज कुमार ठाकुर, जतारा श्री वी.के पांडे, निवाड़ी श्री अतेंद्र सिंह गुर्जर, बल्देवगढ़ सुश्री स्वाति जैन, संयुक्त कलेक्टर श्री एम.एस. मरावी, डिप्टी कलेक्टर श्री पीएस चौहान, जिला योजना अधिकारी श्री रामबाबू गुप्ता एवं सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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