टीकमगढ़ में एचआईवी पॉजीटिव महिला के जुड़वा नवजातों की मौत पर हंगामा, जांच के आदेश

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टीकमगढ़. मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिला अस्पताल में एचआईवी पॉजीटिव महिला के जुड़वा नवजातों की मौत के बाद परिजन और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) और प्रदेश के स्वास्थ्य संचालक ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
जिला अस्पताल में बुधवार देर रात पिपरिया गांव से hivआई महिला ने दो बच्चियों को जन्म दिया था। दोनों बच्चियों की मौत हो गई थी। परिजन का आरोप है कि उपचार के अभाब और डॉक्टरों की उपेक्षा व लापरवाही से बच्चियों की मौत हुई है। उनका कहना है कि नवजात जुड़वा को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नहीं किया गया।

प्रसूता के पति ने आरोप लगाया है कि पत्नी की रिपोर्ट एचआईवी पॉजीटिव आने पर किसी डॉक्टर और नर्स ने प्रसव में सहायता नहीं की। उसे रैफर करने का दबाव बनाते रहे। उसका आरोप है कि प्रसूता को अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया। इलाज के अभाव में दो घंटे बाद नवजातों की मौत हो गई।
डॉक्टरों का कहना है कि एचआईवी पीड़ति होने के कारण प्रसूता को समय से पहले प्रसव हो गया था। उसे प्री-मैच्योर डिलेवरी हुई थी।
घटना के बाद गुस्साए परिजन ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और चौराहे पर जाम लगा दिया। एक घंटे यह जाम चला। पुलिस की समझाइश के बाद जाम खोला गया। महिला को जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया है।
एनएचआरसी ने घटना पर संज्ञान लेते हुए उसकी जांच के लिए कहा है। राज्य सरकार के स्वास्थ्य संचालक ने भी घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
भाजपा के सूत्रों के मुताबिक जिले के सांसद और केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ वीरेन्द्र कुमार खटीक ने घटना को ग भीरता से लिया है और वे आज रात्रि पीड़ति महिला को देखने आ सकते हैं।

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